लेह में पत्रकारों ने BJP पर लगाया रिश्वत देने का आरोप, पार्टी ने किया खंडन, पर CCTV से उठे सवाल, लिफाफे बांटते दिखे नेता

Redhunt.in 08 May 2019 RECENT-POST 571
लेह में पत्रकारों ने BJP पर लगाया रिश्वत देने का आरोप, पार्टी ने किया खंडन, पर CCTV से उठे सवाल, लिफाफे बांटते दिखे नेता प्रेस क्लब के सदस्यों ने स्थानीय चुनाव अधिकारी को खत लिखकर आरोप लगाया था कि भाजपा प्रदेश प्रभारी रवींद्र रैना ने पिछले सप्ताह हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को रिश्वत देने की कोशिश की.

जम्मू: 

प्रेस क्लब लेह ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उसके सदस्यों को ‘पैसों से भरे लिफाफों' की पेशकश कर रिश्वत देने की कोशिश की. लेकिन भाजपा ने इससे इंकार करते हुए कहा कि आरोप ‘राजनीति से प्रेरित' हैं. हालांकि, अभी एक वीडियो सामने आया है, जिससे सवाल खड़े हो गए हैं. वीडियो में दिख रहा है कि पिछले सप्ताह हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को लिफापे दिए जा रहे हैं. सीसीटीवी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना पत्रकारों के सात दिख रहे हैं और पार्टी के विधायक विक्रम रंधावा पत्रकारों को लिफाफे थमाते हुए दिख रहे हैं. एनडीटीवी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकता.

प्रेस क्लब के सदस्यों ने स्थानीय चुनाव अधिकारी को खत लिखकर आरोप लगाया था कि भाजपा प्रदेश प्रभारी रवींद्र रैना ने पिछले सप्ताह हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को रिश्वत देने की कोशिश की. लेकिन भाजपा ने इन आरोपों को खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण की क्षेत्र में होने वाली रैली के लिए पत्रकारों को आमंत्रण पत्र दिया था. पार्टी ने कहा कि वह पत्रकारों पर मानहानि का मुकदमा दायर करेगी. 

 

एक पत्रकार रिंचेन अंग्मो ने दावा किया कि पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने भाजपा के राज्य प्रभारी के सामने उसके सहित चार पत्रकारों को लिफाफे दिए थे. नेता ने इसके साथ ही कहा था कि वे लिफाफे को हॉल में ना खोलें. उन्होंने कहा, 'मुझे संदिग्ध लगा और मैंने उसे खोला. मैंने देखा कि उसमें कुछ 500 रुपये के नोट थे. मैंने वह लिफाफा लौटा दिया, लेकिन उन्होंने लेने से मना कर दिया. इसके बाद मैंने उसे टेबल पर रख दिया.' सीसीटीवी में एक महिला टेबल पर लिफाफा छोड़कर जाती हुई दिख रही हैं. 

भाजपा के एक नेता ने कहा, 'हम किसी को रिश्वत देने में भरोसा नहीं करते. हम पत्रकारों को बड़ा सम्मान करते हैं. बीजेपी ने कभी ऐसा काम नहीं किया है और आगे भी हम कभी नहीं करेंगे'

 

चुनाव आयोग ने पत्रकारों की शिकायत के बाद इस मामले में एफआईआर के लिए कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने बताया कि शिकायत को स्थानीय कोर्ट भेज दिया गया है और वह एफआईआर दर्ज करने के लिए कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं. 

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